राजनांदगांव , रेलवे ट्रैक के मेंटेनेंस और संरक्षा कार्यों को गति देने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के तहत नागपुर मंडल में 555 लघु ट्रैक मशीनों की मरम्मत और रखरखाव पर 79.32 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। 24 माह के वार्षिक अनुरक्षण अनुबंध को मंजूरी दी गई है। अब इसके लिए निविदा आमंत्रित की गई है।
लघु ट्रैक मशीनों का उपयोग रेल कटिंग, ड्रिलिंग, वेल्डिंग, ग्राइंडिंग सहित ट्रैक अनुरक्षण के कार्यों में होता है। मशीनों में खराबी आने से मरम्मत कार्य प्रभावित होने की आशंका रहती है। इसे ध्यान में रख दिसंबर 2025 में नागपुर मंडल में केंद्रीकृत लघु ट्रैक मशीन डिपो स्थापित किया गया था। अब अनुरक्षण अनुबंध के माध्यम से मशीनों की मरम्मत कराने के लिए विशेषज्ञ तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। इससे मशीनों की समय पर मरम्मत और उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलेगी। ट्रैफिक ब्लॉक के दौरान ट्रैक अनुरक्षण, रेल नवीनीकरण, डीप स्क्रीनिंग, वेल्डिंग कार्य सुचारु रूप से होंगे। ट्रैक के रखरखाव की केंद्रीकृत व्यवस्था मजबूत होने से संरक्षा संबंधी कार्यों को गति मिलेगी।
देश के सबसे व्यस्त रूटों में शामिल नागपुर मंडल: नागपुर रेल मंडल देश के सबसे व्यस्त रुटों में शामिल है। मुंबई से हावड़ा, जगन्नाथ पुरी तक दोनों दिशा में इसी रुट से ट्रेनें गुजरती है। नागपुर से बिलासपुर के बीच कई जंक्शन है, नागपुर के बाद गोंदिया, दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर से अन्य रुटों में ट्रेनें चलती है। यहां मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड जैसे राज्यों की ट्रेनें बनती है। डोंगरगढ़ में मां बम्लेश्वरी के दर्शन करने हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
