खैरागढ़ l अपनी लंबित मांगों के निराकरण की मांग को लेकर कोटवार एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ की जिला इकाई खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के सदस्यों ने शुक्रवार को इतवारी बाजार से पैदल मार्च निकाला। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से एकत्रित कोटवार पैदल मार्च करते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।
कोटवारों ने कहा कि वे लंबे समय से ग्रामीण स्तर पर शासन और आम जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें नियमित शासकीय कर्मचारी का दर्जा नहीं मिला है।
एसोसिएशन ने शासन से उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करते हुए मांगों के निराकरण के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की। ज्ञापन में कोटवारों ने चार प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें कोटवारों को नियमित कर राजस्व विभाग में संविलियन करने, सभी को एक समान श्रेणी में रखते हुए न्यूनतम 15 हजार रुपए मासिक पारिश्रमिक देने, नियुक्तियों में कथित मनमानी पर रोक लगाकर परंपरागत व्यवस्था के अनुसार कोटवार परिवार के पात्र सदस्यों को प्राथमिकता देने तथा नगर पंचायत, नगर पालिका और निगम क्षेत्रों में कोटवारों की नियुक्ति पर लगे प्रतिबंध को हटाने की मांग शामिल है। एसोसिएशन का कहना है कि नियमितीकरण नहीं होने से बीमा, पेंशन, ग्रेच्युटी जैसी सुविधाओं का लाभ भी नहीं मिल पाता।