CG : अबूझमाड़ के दुर्गम गांवों तक पहुंचेगी पक्की सड़क, 10.95 KM के तीन मार्गों से बदलेगी ग्रामीणों की जिंदगी …
नारायणपुर : छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित रहे अबूझमाड़ के दुर्गम और दूरस्थ इलाकों में विकास की नई तस्वीर उभर रही है। वर्षों से सड़क संपर्क और आवागमन की कठिनाइयों का सामना कर रहे ग्रामीण क्षेत्रों को अब पक्की सड़कों के जरिए मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में काम तेज किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत अबूझमाड़ में कुल 10.95 किलोमीटर लंबाई की तीन सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। इन मार्गों के पूरा होने से दूरस्थ गांवों के ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और अन्य आवश्यक सुविधाओं तक पहुंचने में आसानी होगी। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव और नारायणपुर जिले के प्रभारी सचिव भीम सिंह ने अबूझमाड़ के दूरस्थ क्षेत्रों का दौरा कर निर्माणाधीन सड़कों की प्रगति और गुणवत्ता का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार और तय समय-सीमा में पूरे किए जाएं।
अबूझमाड़ में बन रही तीन महत्वपूर्ण सड़कें प्रभारी सचिव भीम सिंह ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन तीन प्रमुख मार्गों का निरीक्षण किया। इनमें आकाबेड़ा से कलमानार तक 7.3 किलोमीटर, कस्तूरमेटा से हिकपाड़ तक 2.5 किलोमीटर और कुकड़ाझोर से ताड़ोनार तक 1.15 किलोमीटर लंबी सड़क शामिल है। इन तीनों मार्गों की कुल लंबाई 10.95 किलोमीटर है। इनके निर्माण से दूरस्थ गांवों को बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध होने की उम्मीद है। विशेष रूप से बारिश के मौसम में आवागमन की परेशानियों को कम करने और ग्रामीणों को आवश्यक सेवाओं से जोड़ने में ये सड़कें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। प्रभारी सचिव ने निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से सड़क निर्माण में उपयोग की जा रही सामग्री, तकनीकी मानकों और गुणवत्ता नियंत्रण के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने निर्माण सामग्री की नियमित जांच और कार्यों की सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सड़कें केवल रास्ता नहीं, विकास का आधार निरीक्षण के दौरान प्रभारी सचिव भीम सिंह ने कहा कि अबूझमाड़ जैसे दुर्गम क्षेत्रों में सड़क संपर्क का विस्तार शासन की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। सड़कें केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के सामाजिक और आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण आधार भी हैं। बेहतर सड़क संपर्क से ग्रामीणों को स्कूल, अस्पताल और बाजार तक पहुंचने में सुविधा होगी। किसानों के लिए अपनी कृषि उपज बाजार तक पहुंचाना आसान होगा, जबकि आवश्यक वस्तुओं और सरकारी सेवाओं की उपलब्धता भी बेहतर हो सकेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। तकनीकी मानकों का कड़ाई से पालन हो और किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर आवश्यक कदम उठाए जाएं।
ग्रामीणों से सीधे बातचीत कर जानी समस्याएं अबूझमाड़ के निरीक्षण के दौरान प्रभारी सचिव भीम सिंह ने स्थानीय ग्रामीणों से भी संवाद किया। कस्तूरमेटा से हिकपाड़ तक निर्माणाधीन सड़क का निरीक्षण करते समय उन्होंने स्थानीय निवासी मंतूराम गोटा से बातचीत की। उन्होंने गांव की जनसंख्या, परिवारों की संख्या, बसाहट की स्थिति और स्थानीय आवश्यकताओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनजातीय और दूरस्थ क्षेत्रों में विकास योजनाएं तैयार करते समय स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों और ग्रामीणों की वास्तविक जरूरतों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब योजनाएं स्थानीय लोगों की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार की जाएंगी।
पीएम जनमन योजना से जनजातीय परिवारों को पक्के आवास सड़क निर्माण कार्यों के निरीक्षण के साथ प्रभारी सचिव ने ताड़ोनार गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही नीलकंठ यादव के नवनिर्मित आवास का भी अवलोकन किया। उन्होंने हितग्राही से बातचीत कर आवास निर्माण की स्थिति और उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली। इसके साथ ही प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान यानी पीएम जनमन के अंतर्गत पात्र परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। प्रभारी सचिव ने कहा कि दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में रहने वाले पात्र परिवारों तक शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता से पहुंचाया जाना चाहिए। पक्के आवास, सड़क, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं का विस्तार ग्रामीणों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। स्थानीय रोजगार और आजीविका पर भी विशेष जोर प्रभारी सचिव भीम सिंह ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को निर्देश दिए कि पीएम जनमन और वीबी-जी राम जी योजना के अंतर्गत ग्रामीणों की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि दूरस्थ गांवों में केवल अधोसंरचना का विकास ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और आजीविका के अवसरों का विस्तार भी आवश्यक है। विकास कार्यों के जरिए ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में भी प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और स्वीकृत विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को सख्त निर्देश, गुणवत्ता से समझौता नहीं निरीक्षण के दौरान प्रभारी सचिव ने निर्माणाधीन सड़कों की गुणवत्ता और समय-सीमा को लेकर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में निर्माण कार्य चुनौतीपूर्ण जरूर हैं, लेकिन इसका असर गुणवत्ता पर नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क निर्माण की नियमित निगरानी की जाए और कार्यों को तकनीकी मानकों के अनुसार पूरा किया जाए। इस दौरान कलेक्टर नम्रता जैन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के मुख्य अभियंता के.के. कटारे, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी चित्रकांत चाली ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। अबूझमाड़ में इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। सड़कें पूरी होने के बाद शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और स्थानीय आजीविका से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है। इससे दूरस्थ गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।
