राजनांदगांव , मेडिकल कॉलेज में सीटी स्कैन कराने के बाद कुछ मिनटों में मरीजों और परिजनों को मोबाइल पर इसकी रिपोर्ट मिल जाएगी। अस्पताल प्रबंधन के द्वारा करीब साढ़े 4 लाख रुपए खर्च कर यह नया ऑनलाइन सिस्टम लागू किया जा रहा है। इससे इमरजेंसी में समय पर रिपोर्ट मिलने से डॉक्टरों को इलाज में आसानी होगी और मरीजों को इसका फायदा मिलेगा।
खासकर हादसों में घायल होकर यहां आने वालों की सीटी स्कैन रिपोर्ट देखकर डॉक्टरों को इलाज करने में आसानी होगी। दिसम्बर महीने से यह व्यवस्था लागू हो जाएगी।
मेडिकल कॉलेज में सीटी स्कैन मशीन तो पहुंची लेकिन यहां शासन से रेडियोलॉजिस्ट का पद नहीं है। सीटी स्कैन मशीन की सप्लाई करने वाली कंपनी के दो रेडियोलॉजिस्ट यहां सीटी स्कैन करने के साथ लोकल डॉक्टरों को इसका प्रशिक्षण देते हैं। डॉ. अतुल देशकर, अधीक्षक
सीटी स्कैन रिपोर्ट जल्दी मिलने से इलाज जल्दी करने में आसानी होती है। देरी होने पर मरीज के स्वास्थ्य पर गंभीर और खतरनाक प्रभाव पड़ सकते हैं। इससे बीमारी का अन्य हिस्सों में फैलना, सिर में गंभीर चोट, स्ट्रोक या आंतरिक ब्लीडिंग होना, स्थायी विकलांगता या मरीज की जान पर खतरे से बचा जा सकता है।
