CG : रायपुर में कचरे के ढेर की बदली तस्वीर, बिल्डर और रहवासियों ने मिलकर चमकाया इलाका …
रायपुर : राजधानी रायपुर में नगर निगम ने स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत एक और पहल करते हुए सड्डू क्षेत्र में कचरे और गंदगी से पटे स्थल की तस्वीर बदल दी है। नगर निगम जोन क्रमांक-9 के अंतर्गत चैतन्य ग्रीन्स आवासीय परिसर के समीप सड़क किनारे बड़ी मात्रा में जमा कचरे और मलबे को हटाकर वहां सफाई कराई गई है। खास बात यह रही कि इस अभियान में नगर निगम की स्वास्थ्य विभाग टीम के साथ संबंधित बिल्डर और आवासीय परिसर के रहवासियों ने भी भागीदारी निभाई। सामूहिक प्रयास से साफ किए गए स्थान पर सीटीयू यानी स्वच्छता लक्षित इकाई विकसित की गई है। नगर निगम की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, महापौर मीनल चौबे, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष गायत्री चंद्राकर और आयुक्त संबित मिश्रा के निर्देश पर शहर में स्वच्छता ही सेवा अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत अलग-अलग जोन में गंदगी वाले स्थानों को चिह्नित कर उनकी सफाई और सौंदर्यीकरण कराया जा रहा है।
इसी क्रम में नगर निगम जोन-9 के कमिश्नर हितेन्द्र यादव ने पिछले दिनों सड्डू क्षेत्र का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान चैतन्य ग्रीन्स आवासीय परिसर के समीप सड़क किनारे बड़ी मात्रा में कचरा, गंदगी और निर्माण मलबा पड़ा दिखाई दिया। मौके की स्थिति देखने के बाद जोन कमिश्नर ने संबंधित बिल्डर को बुलवाया। उन्होंने बिल्डर से नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर स्थल की सफाई कराने और उसे स्वच्छता लक्षित इकाई के रूप में विकसित करने में सहयोग करने को कहा। इसके बाद निगम की स्वास्थ्य विभाग टीम, बिल्डर और चैतन्य ग्रीन्स आवासीय परिसर के रहवासियों ने संयुक्त रूप से सफाई अभियान चलाया। अभियान के दौरान श्रमदान कर सड़क किनारे जमा कचरा और मलबा हटवाया गया तथा आसपास सफाई कराई गई।
सफाई के बाद कराया गया रंग-रोगन और पेंटिंग कचरा हटाने के बाद संबंधित स्थल का सौंदर्यीकरण भी किया गया। बिल्डर की सहभागिता से रंग-रोगन और आकर्षक पेंटिंग कराई गई। इसके साथ ही लोगों की सुविधा के लिए वहां दो कुर्सियां भी रखवाई गई हैं। इस पहल के माध्यम से नगर निगम ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि नियमित सफाई के साथ जनभागीदारी हो तो गंदगी वाले स्थानों को बेहतर बनाया जा सकता है। नगर निगम की योजना के अनुसार, संबंधित स्थल पर स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छता से जुड़े जागरूकता नारे और स्लोगन भी लिखे जाएंगे। इसके लिए जोन-9 का स्वास्थ्य विभाग बिल्डर के सहयोग से तैयारी कर रहा है। नगर निगम का उद्देश्य लोगों को सार्वजनिक स्थानों पर कचरा नहीं फेंकने और आसपास सफाई बनाए रखने के लिए प्रेरित करना है।
नगर निगम और स्थानीय नागरिकों की संयुक्त पहल इस अभियान के दौरान जोन-9 के स्वास्थ्य अधिकारी अमित बेहरा और स्वच्छता निरीक्षक भोला तिवारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों की निगरानी में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सफाई कार्य को आगे बढ़ाया। नगर निगम के अनुसार, स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत शहर के ऐसे स्थानों की पहचान की जा रही है, जहां नियमित रूप से कचरा और गंदगी जमा होती है। ऐसे स्थानों को साफ करके स्वच्छता लक्षित इकाई के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। सड्डू में हुई यह पहल इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें सफाई की जिम्मेदारी केवल निगम के कर्मचारियों तक सीमित नहीं रही। बिल्डर और आवासीय परिसर के रहवासियों की भागीदारी से सामूहिक स्वच्छता का संदेश दिया गया।
सफाई के साथ लगातार निगरानी भी जरूरी शहरी क्षेत्रों में सड़क किनारे खाली स्थानों पर कचरा और निर्माण मलबा जमा होना स्वच्छता व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकता है। एक बार ऐसे स्थानों की सफाई हो जाने के बाद उन्हें दोबारा गंदगी से बचाना भी उतना ही जरूरी है। सड्डू में विकसित की गई सीटीयू की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि आने वाले दिनों में वहां नियमित सफाई और निगरानी कितनी प्रभावी रहती है। आसपास के नागरिकों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का सहयोग भी महत्वपूर्ण होगा। नगर निगम की इस पहल से यह संकेत मिलता है कि स्थानीय स्तर पर सरकारी विभाग, निजी क्षेत्र और नागरिक मिलकर काम करें तो सार्वजनिक स्थानों की स्थिति बेहतर बनाई जा सकती है। शहर के अन्य इलाकों में भी चल रहा अभियान नगर निगम प्रशासन के अनुसार, स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत अलग-अलग जोन में गंदगी वाले स्थलों को चिह्नित कर सफाई और सौंदर्यीकरण का कार्य जारी है। जोन की स्वास्थ्य विभाग टीमें स्थानीय स्तर पर नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक भी कर रही हैं। चैतन्य ग्रीन्स के समीप कचरा हटाकर सीटीयू विकसित करना इसी अभियान का हिस्सा है। निगम का प्रयास है कि नागरिक अपने घरों और आवासीय परिसरों के साथ आसपास के सार्वजनिक स्थानों की सफाई के प्रति भी जिम्मेदारी समझें। फिलहाल सड्डू के संबंधित स्थल की सफाई और सौंदर्यीकरण का कार्य किया जा चुका है, जबकि स्वच्छता जागरूकता से जुड़े स्लोगन लिखने की तैयारी चल रही है।
