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मनीष त्रिपाठी पत्रकार
▪️ प्रकरण में पूर्व में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, दुर्ग द्वारा दोनों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया था।
▪️ निचली अदालत के दोषमुक्ति आदेश को चुनौती देते हुए राज्य की ओर से आपराधिक अपील क्रमांक 05/2026 प्रस्तुत की गई।
▪️ अपील न्यायालय द्वारा प्रकरण के साक्ष्यों, जप्ती कार्यवाही, शराब के नमूनों एवं रासायनिक परीक्षण रिपोर्ट का विस्तृत परीक्षण किया गया।
▪️ माननीय सत्र न्यायालय, दुर्ग ने दिनांक 23.10.2026 को पूर्व दोषमुक्ति आदेश निरस्त कर दोनों आरोपियों को छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 34(2) के तहत दोषसिद्ध किया।
▪️ दोनों आरोपियों को 02-02 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹25,000-₹25,000 अर्थदंड से दंडित किया गया। अर्थदंड अदा नहीं करने पर 06-06 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
मुख्य बिंदु
अवैध शराब परिवहन के मामले में निचली अदालत से दोषमुक्त हुए दोनों आरोपियों के विरुद्ध राज्य की ओर से अपील प्रस्तुत की गई। अपील न्यायालय में प्रकरण के उपलब्ध साक्ष्यों एवं अभिलेखों का विस्तृत परीक्षण हुआ, जिसके परिणामस्वरूप निचली अदालत का दोषमुक्ति आदेश निरस्त कर दोनों आरोपियों को दोषसिद्ध करते हुए सजा सुनाई गई।
संक्षिप्त विवरण
प्रकरण में आरोपी लखन भैंसा एवं श्रीमती ममता धमगाये के विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 34(2) के तहत अवैध शराब परिवहन का अपराध दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान पुलिस एवं संबंधित विभाग द्वारा शराब की जप्ती, प्रयुक्त वाहन, शराब के नमूने, स्वतंत्र साक्षियों के कथन तथा रासायनिक परीक्षण रिपोर्ट सहित आवश्यक साक्ष्य संकलित कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए थे।
प्रकरण की सुनवाई के पश्चात न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, दुर्ग द्वारा दिनांक 31.07.2025 को दोनों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया था। उक्त निर्णय के विरुद्ध राज्य की ओर से आपराधिक अपील प्रस्तुत की गई। अपील में निचली अदालत द्वारा पारित दोषमुक्ति आदेश को चुनौती देते हुए प्रकरण में उपलब्ध साक्ष्यों एवं परिस्थितियों के आधार पर पुनर्विचार का आग्रह किया गया।
माननीय सत्र न्यायालय, दुर्ग द्वारा आपराधिक अपील क्रमांक 05/2026 की सुनवाई के दौरान प्रकरण के समस्त तथ्यों, विवेचना में संकलित साक्ष्यों, जप्ती कार्यवाही, वाहन, शराब के नमूनों एवं रासायनिक परीक्षण रिपोर्ट का विस्तृत परीक्षण किया गया।
न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निचली अदालत द्वारा पारित दोषमुक्ति आदेश को अपास्त करते हुए दोनों आरोपियों को छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 34(2) के तहत दोषसिद्ध घोषित किया। इस प्रकार राज्य की ओर से प्रस्तुत अपील पर अपील न्यायालय द्वारा पूर्व निर्णय में परिवर्तन करते हुए दोनों आरोपियों को दंडित किया गया।
न्यायालय द्वारा सुनाई गई सजा
- आरोपी लखन भैंसा को 02 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹25,000 अर्थदंड।
- आरोपी श्रीमती ममता धमगाये को 02 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹25,000 अर्थदंड।
- अर्थदंड अदा नहीं करने पर प्रत्येक आरोपी को 06 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास।
- पूर्व में जेल में बिताई गई अवधि का लाभ नियमानुसार प्रदान किया गया है।
- प्रकरण में प्रयुक्त वाहन के राजसात की कार्यवाही जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
आरोपी का नाम
- लखन भैंसा उर्फ जोहरी भैंसा, उम्र लगभग 38 वर्ष, निवासी बेडगांव, जिला गढ़चिरौली, महाराष्ट्र।
- श्रीमती ममता धमगाये, उम्र लगभग 47 वर्ष, निवासी कोरची, जिला गढ़चिरौली, महाराष्ट्र।
जप्त सामग्री
प्रकरण में प्रयुक्त वाहन क्रमांक CG-08-AU-0756 एवं अवैध शराब तथा उससे संबंधित अन्य जप्त सामग्री।
सराहनीय कार्य
प्रकरण की विवेचना एवं साक्ष्य संकलन में विवेचक उपनिरीक्षक पारस सिंह ठाकुर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्रकरण में शराब के नमूनों के वैज्ञानिक एवं रासायनिक परीक्षण तथा रिपोर्ट प्रस्तुत करने में आबकारी विभाग का सहयोग रहा। राज्य की ओर से न्यायालय में प्रभावी पैरवी की गई।
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि अवैध शराब के निर्माण, संग्रहण, बिक्री एवं परिवहन की जानकारी तत्काल पुलिस अथवा संबंधित विभाग को दें। ऐसे अवैध कारोबार को रोकने में पुलिस का सहयोग करें। अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध साक्ष्यों के आधार पर वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
दुर्ग पुलिस – आपकी सुरक्षा, हमारी प्राथमिकता।


