नाकामी की मार झेल रही छुरिया पुलिस, मुस्लिम समाज ने दिया प्रदेश स्तरीय आंदोलन का संकेतछुरिया। नगर पंचायत छुरिया में इन दिनों भाजपा के पूर्व मंत्री रजन्दरपाल सिंह भाटिया द्वारा सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के उद्देश्य से सम्प्रदाय विशेष पोस्ट वायरल करने के बाद मुस्लिम समाज द्वारा छुरिया थाना में शिकायत दर्ज कराई गई थी। जिसके खिलाफ शिकायत 11 मई को छुरिया मुस्लिम समुदाय के सदर मेराज शरीफ व मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा छुरिया थाने में की गई, लेकिन थाने में भाटिया प्रेम की वजह से कार्यवाही ना होता देख 15 मई को इसकी शिकायत राजनांदगांव पुलिस अधीक्षक को की गई। जिसके बाद पुलिस अधीक्षक ने मुस्लिम समुदाय को भाटिया के खिलाफ सख्त कार्यवाही का आश्वासन दिया। जिसके बाद छुरिया पुलिस हरकत में आयी और 15 मई शाम को आरोपी रजिन्दरपाल सिंह भाटिया के विरुद्ध मामला पंजीबद्ध करते हुए भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 295 क धार्मिक भावना भड़काने के लिए अपराध पंजीबद्ध किया गया। जिसके बाद आरोपी रजिन्दरपाल सिंह भाटिया ने 21 मई को जिला न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर किया। जिसे माननीय न्यायाधीश ने आरोपी रजिन्दरपाल सिंह भाटिया के आदतन कृत्यों को देखते हुए अग्रिम जमानत की याचिका को खारिज कर दिया। अब सवाल यह है कि जब 15 मई को अपराध पंजीबद्ध हो गया था तो भाटिया को गिरफ्तार क्यों नही किया गया, जबकि आरोपी रजिन्दरपाल सिंह भाटिया को पीएसओ मिला हुआ है तो उनसे पूछताछ क्यों नहीं किया जा रहा कि आरोपी कहां है। जिसमें यह तो साफ है कि आरोपी को छुरिया पुलिस का संरक्षण प्राप्त है। चूंकि पूरा देश प्रदेश लॉकडाउन के कारण अपने घरों में है और आरोपी फरार कैसे? पुलिस की कार्यशैली पर यह प्रश्नचिन्ह है। सूत्रों की माने तो आरोपी लगारार छुरिया पुलिस के संपर्क में है। या इसे यूँ कहा जाए कि छुरिया पुलिस आरोपी को गिरफ्तार करने में नाकाम है।बहरहाल सब इंस्पेक्टर आरके सिन्हा का कहना है भाटिया छुरिया में नहीं है, उनका पतासाजी जारी है। अब देखना यह है कि छुरिया पुलिस कब तक भाटिया से अपने संबंध को मजबूत रख पाती है। वर्तमान में 22 मई को मुस्लिम समुदाय ने पुनः छुरिया थाने में भाटिया की गिरफ्तारी को लेकर ज्ञापन दिया। जिसमें समुदाय ने स्पष्ट किया है कि अगर छुरिया पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी नहीं करती है, तो मुस्लिम समुदाय प्रदेश स्तरीय आंदोलन के लिए बाध्य होगा। छुरिया थाने में ज्ञापन देने के लिए मेराज शरीफ सदर सुन्नी जामा मस्जिद कमेटी, जकिल कुरैशी सेक्रेटरी, सलमान खान उपाध्यक्ष नगर पंचायत, सिद्दीक कुरैशी पूर्व नायब सदर, मोहसीन खान, सोनू खान, इंजमाम खान, आरीफ मेमन, इमरान कुरैशी, वसीम कुरैशी, मुज्जम्मिल खान, ताहिर खान आदि लोग मौजूद थे।वर्सन……..फोटो : सलमान खानछुरिया थाने से आश्वासन दिया गया है कि भाटिया को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जायेगा। अगर ऐसा नहीं होता है तो छुरिया मुस्लिम समुदाय प्रदेश स्तरीय आंदोलन के लिए बाध्य होगा और मैं यह कहना चाहता हूँ कि आरोपी को जो पीएसओ (सुरक्षा) प्रदान की गई है, उनसे पुलिस पूछताछ क्यों नहीं कर रही है। अगर आरोपी के सुरक्षा बलों से पूछताछ की जाए तो आरोपी के ठिकाने का पता चल जायेगा और तत्काल ऐसे आदतन आरोपी रजिन्दरपाल सिंह भाटिया की सुरक्षा सरकार वापस ले। ऐसे लोगों को सुरक्षा देना अपराध को बढ़ावा देने जैसा है।सलमान खान, उपाध्यक्ष नगर पंचायत छुरियावर्सन……फोटो : मेराज शरीफआज हम लोग छुरिया थाने में आरोपी रजिन्दरपाल सिंह भाटिया की गिरफ्तारी के लिए ज्ञापन देने गए थे। जिसमें पुलिस थाना प्रभारी केपी मरकाम के द्वारा हमें कहा गया है कि आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर लिया जायेगा।मेराज शरीफ, सदर सुन्नी जामा मस्जिद कमेटीवर्सन……फोटो : सिद्दीक कुरैशीहम लोग शांति पूर्ण सब्र बनाये हुए कार्यवाही चाह रहे हैं और आगे भी इसी सब्र और शांति पूर्ण तरीके के साथ भाटिया के खिलाफ आंदोलन जारी रखेंगे, चूंकि पुलिस जानती थी आरोपी रजिन्दरपाल सिंह भाटिया कहाँ है। आरोपी के फरार होने में पुलिस की भी भूमिका संदिग्ध है।सिद्दीक कुरैशी, पूर्व नायब सदर सुन्नी जामा मस्जिद कमेटीवर्सन……फोटो : साधना सिंहरजिन्दरपाल सिंह भाटिया के द्वारा टिप्पणी किया गया है वे उसके खिलाफ हैं। मुस्लिम समुदाय के खिलाफ उन्होंने टिप्पणी की है जो बहुत ही अशोभनीय है और इसकी जितना निंदा की जाए उतना कम है। सर्व हिन्दू समाज वाले जो ज्ञापन दे रहे है उनके बचाव में वो बहुत गलत कर रहे हैं, क्योंकि भाटिया स्वयं हिन्दू धर्म के अनुयायी नहीं हैं। इनको दिखाई नहीं पड़ रहा है क्या सही है क्या गलत। गलत को गलत बोलने की हिम्मत आप में होनी चाहिए। चाहे कितना भी बड़ा नेता और मंत्री ही क्यूं ना हो अगर वो झूठ बोल कर भ्रम फैला रहा है, तो झूठ का कभी भी साथ नहीं देना चाहिए और जितने भी लोग उनका साथ दे रहे है, उनकी मानवता मर चुकी है। उन में इंसानियत नहीं बची है। भाटिया का साथ देने वाले भी उतने ही गुनाहगार हैं जितना भाटिया। भाटिया के खिलाफ कार्यवाही बिल्कुल सही है, उनको शर्म आनी चाहिए कि इस उम्र में जो व्यक्ति 3 बार विधायक रहा हो उसे किसी समुदाय विशेष के खिलाफ टिप्पणी करना शोभा नहीं देता है और मुस्लिम समुदाय की इस लड़ाई में मैं मुस्लिम समुदाय के साथ हूँ। चाहे कोई भी किसी भी धर्म का मानने वाला हो उसे किसी दूसरे समुदाय के बारे में टिप्पणी करने का कोई हक नहीं। आरोपी भाटिया पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए।
