राजनांदगांव। स्थानीय परीक्षाओं को लेकर असमजंस की स्थित है। अब तक परीक्षा को लेकर समय-सारिणी घोषित नहीं की गई है। जिसके चलते पालकों के साथ-साथ अभिभावकों में असमंजस है। कोरोना के चलते दो वर्ष से छात्रों को घर से परीक्षा दिलाने की छूट दी गई थी। लेकिन इस बार कोरोना का संक्रमण कम होने के बाद स्कूलों को खोल दिया गया है।
विभागीय अधिकारी कुछ नहीं बता पा रहे
स्कूलों में नियमित कक्षाएं लग रही है। वहीं दूसरी ओर छग माध्यमिक शिक्षा मंडल ने कक्षा 10 वीं और 12 वीं बोर्ड परीक्षा के लिए समय सारणी जारी कर दिया है। लेकिन स्थानीय परीक्षाएं कब से होगी इसको लेकर विभागीय अधिकारी भी कुछ नहीं बता पा रहे हैं। पालकों में असमंजस में है कि परीक्षाएं आनलाइन होगी या आफलाइन। कक्षा पहली से आठवीं और कक्षा नौवीं व 11 वीं में करीब एक लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। कक्षा नौवीं और 11 वीं को लेकर विभागीय अधिकारी कुछ नहीं बता पा रहे है।
स्कूलों में हो रही पढ़ाई
कोरोना संक्रमण कम होने के बाद 100 फीसद के साथ स्कूलों को खोल दिया गया है। लेकिन विद्यार्थियों की संख्या काफी कम है। विद्यार्थी स्कूल आने में रुचि नहीं दिखा रहे है। स्कूल के शिक्षक अभिभावकों से संपर्क कर रहे हैं। स्कूल खुलने के बाद आफलाइन पढ़ाई भी शुरू हो गई है। कोर्स को समय पर पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है। ताकि परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार का परेशानी न हो। स्कूल के शिक्षक कमजोर बच्चों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं भी ले रहे हैं।
उत्तरपुस्तिका का वितरण
बोर्ड की परीक्षा दो मार्च से होगी। उत्तरपुस्तिका का वितरण भी शुरू हो गया है। स्टेट हाइ स्कूल में उत्तर पुस्तिका और प्रश्न पत्रों का वितरण किया गया। प्रश्न पत्रों को संबंधित क्षेत्र के थानों में रखा जाएगा। परीक्षा शुरू होने के एक घंटा पहले कड़ी सुरक्षा के बीच स्कूलों तक पहुंचाया जाएगा। वहीं उत्तरपुस्तिका स्कूलों में रहेंगी। इस बार बोर्ड परीक्षा में करीब 44 हजार विद्यार्थी शामिल होंगे। जिस स्कूल में बच्चे पढ़ रहे हैं वहीं परीक्षा दिलाएंगे। यानी बोर्ड के विद्यार्थियों को परीक्षा दिलाने दूसरे स्कूल नहीं जाने पड़ेंगे। स्थानीय परीक्षा को लेकर अभी गाइड लाइन नहीं मिला है। बोर्ड परीक्षा के लिए उत्तर पुस्तिका का वितरण किया जा रहा है।
