रायपुर, 04 जून 2022
भेंट-मुलाकात के दौरान सरेंडी गांव के तलेश ने कहा कि मुख्यमंत्री जी, आप वायदे के पक्के हैं। मेरा कर्जा भी माफ हुआ और न्याय योजना का लाभ भी मिला। जब जब पैसे की जरूरत होती है न्याय योजना का पैसा खाते में आ जाता है और चिंता दूर हो जाती है। मुख्यमंत्री ने इस पर खुशी जताते हुए कहा कि किसानों का संतोष ही हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। किसानों की कर्जमाफी हुई और उत्पादन का उचित दाम मिला जिसके चलते वे खेती की बेहतरी के लिए निर्णय ले पा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने किसानों से कहा कि कोरोना के चलते बारदाने की फैक्ट्री बंद थी। इस पर भी हमने सभी पंजीकृत किसानों से धान खरीदी का अपना वायदा निभाया और 98 लाख मीट्रिक टन का रिकार्ड धान खरीदा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रासायनिक खाद की कमी को देखते हुए, हमने गौठानों के माध्यम से अधिकतम वर्मी कंपोस्ट बनाने का कार्य हमने प्राथमिकता से कराया। भूमि की ऊर्वरता के लिए आप अधिकाधिक कंपोस्ट खाद बनाइये और इसका खेतों में इस्तेमाल करिये। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने टोंगराज बाबा के मंदिर को आम जनता के लिए समर्पित कर बाबा के दर्शन भी किये। इस मौके पर विधायक अनूप नाग एवं मुख्यमंत्री के सलाहकार राजेश तिवारी एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
ब्लड बैंक से सिकलिंग का इलाज हुआ आसान- सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य अधोसंरचना को लगातार बेहतर करने के नतीजे जमीनी स्तर पर दिखने लगे हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता पर मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से पूछा। बिंदु कामड़े ने बताया कि मेरा बेटा तीन साल से सिकलिंग बीमारी से ग्रसित है। अंतागढ़ अस्पताल में सरकार ने ब्लड बैंक खुलवा दिया है और मुझे डॉ. खूबचंद बघेल योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य सहायता कार्ड भी मिल गया है जिससे निःशुल्क ब्लड बेटे के लिए मिल जाता है। बुजुर्ग जेतराम बघेल ने कहा कि रविवार को बाजार लगता है जब भी दिक्कत आती है वहां जांच करा लेता हूँ। यह बढ़िया सुविधा सरकार ने आरंभ की है। कुमारी उईके ने बताया कि हाट बाजार वाली नीली गाड़ी आती है और इलाज भी मुफ्त में हो जाता है और दवा भी मुफ्त में मिल जाती है।
जैविक खाद बेचकर कमाये 80 हजार रुपए- पोड़गांव की लक्ष्मी गावड़े ने बताया कि उनका समूह गौठान में जैविक खाद बना रहा है। अब तक 180 क्विंटल खाद बेच चुके हैं और इसके माध्यम से 80 हजार रुपए तक लाभ कमा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गौठानों को आजीविकामूलक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। जैसे जैसे आपकी गतिविधियों का विस्तार होता जाएगा। समूह की आय बढ़ती जाएगी।
