बरेली के सिकलापुर से नावल्टी चौराहा तक 50 साल से अतिक्रमण का बोलबाला था। बुधवार को 30 दुकानों पर नगर निगम का बुलडोजर चला तो नाला कब्जामुक्त हुआ। चार फीट नाला और सरकारी भूमि को छज्जे की आड़ में घेरकर ये दुकानें बनाई गई थीं। हालांकि, बुधवार को हुई कार्रवाई के दौरान इस छज्जे को नहीं तोड़ा गया। ऐसे में जहां कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दोबारा अतिक्रमण होने की आशंका भी है। कार्रवाई से एक सप्ताह पहले निगम ने दुकानों पर नोटिस चस्पा कर दिया था। इसके बाद भी दुकानदारों ने अवैध निर्माण को नहीं हटाया तो नगर निगम के मुख्य अभियंता भूपेश कुमार सिंह के निर्देशन में कार्रवाई हुई। दुकानदारों ने विरोध किया तो कोतवाली से पुलिस बुला ली गई। इसके बाद दुकानदार खुद ही नाले के ऊपर से शटर आदि हटाने लगे। अभी कुछ और अतिक्रमण भी ढहाए जाएंगे। कार्रवाई के दौरान दो घंटे तक सिकलापुर से नावल्टी चौराहा तक भीषण जाम की स्थिति रही। रोडवेज बसें, ऑटो, ई-रिक्शा के जाम में फंसने से हालात बदतर रहे। सिकलापुर चौराहा से फर्नीचर मार्केट और पटेल की ओर जाने वाली सड़कों पर भी जाम रहा। नावल्टी चौराहा से निकलने वाली सड़कों पर भी वाहनों की कतार लगी रही। ट्रैफिक पुलिस के साथ कोतवाली पुलिस ने एक घंटे की मशक्कत के बाद जाम खुलवाया। फुटपाथ निर्माण के चलते यहां दिनभर यातायात सामान्य नहीं हो सका। पुराना रोडवेज का इलाका काफी व्यस्त है। सिकलापुर से नावल्टी चौराहा तक अतिक्रमण के चलते सड़क काफी संकरी हो गई है। इस इलाके में कई नामचीन दुकानें भी सरकारी जमीन कब्जा कर बनाई गई हैं। दुकानदारों ने फुटपाथ भी दुकानों में मिला लिए हैं। पुराना रोडवेज के आसपास अब स्मार्ट सिटी के काम चालू हो गए हैं। ऐसे में सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण कर बनाई गईं दुकानें भी नगर निगम के निशाने पर आ गई हैं। जल्द ही इनको भी ध्वस्त किया जाएगा।
