श्रेयांश रात को घर के बाहर खाट पर ही सोया थी। मोबाइल देखते-देखते उसे नींद लग गई थी। सुबह पांच बजे नाना दिनेश चौधरी उठे और उन्होंने श्रेयांश को चादर भी ओढ़ाई। सुबह आठ बजे उन्होंने बच्चे को जगाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं जागा।
इंदौर के समीप शिप्रा क्षेत्र के एक गांव में चार साल के बच्चे की जहरीला जानवर काटने से मौत हो गई। वह अपने नाना के यहां आया था और रात को घर के बाहर आंगन में घाट पर लेटे-लेटे मोबाइल देख रहा था। बाद में से नींद लग गई। सुबह परिजन उसे जगाने पहुंचे तो नहीं उठा।
बच्चे को परिजन अस्पताल ले गए तो डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की वजह जानने के लिए उसका पोस्टमार्टम भी किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि उसका एक हाथ नीला पड़ गया। संभवतः रात को सोते समय उसे सांप या अन्य जहरीले जानवर ने काट खाया। इस वजह से उसकी मौत हो गई।
शिप्रा के कंदावली गांव में चार साल के बेटे श्रेयांश को उसकी मां नीतू लेकर मायके आई थी। नीतू का ससुराल देवास के समीप बरौठा गांव का है, लेकिन वह यूपीएससी की पढ़ाई के लिए अपने मायके में बेटे को लेकर रह रही है। श्रेयांश रात को घर के बाहर खाट पर ही सोया थी।
मोबाइल देखते-देखते उसे नींद लग गई थी। सुबह पांच बजे नाना दिनेश चौधरी उठे और उन्होंने श्रेयांश को चादर भी ओढ़ाई। सुबह आठ बजे उन्होंने बच्चे को जगाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं जागा। अस्पताल ले जाने पर डाक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया।
