शिवकुटी कोटेश्वर महादेव मंदिर के पास तीन छात्रों ने अपनी आंखों के सामने अपने दो साथियों को गंगा समाते देखा। तीनों छात्र गहरे सदमे में आ गए हैं। उनकी आंखों से आंसू नहीं रुक रहे हैं। दोस्त उन्हें दिन भर दिलासा देते रहे। तीनों बार बार यही कह रहे थे कि काश वे तैरना जानते। एमएनएनआईटी से बीटेक सेकेंड इयर के पांच दोस्त दीपेंद्र सिंह, विकास मौर्या, भूपेंद्र, वरुण और यश सुबह स्नान के लिए पहुंचे थे। इनमें से वरुण मैकेनिकल इंजीनियरिंग का छात्र है।
बाकी चारों डिपार्टमेंट ऑफ कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के थे। पांचों अलग अलग छात्रावासों में रहते हैं। घाट पर पहुंचने के बाद नदी किनारे हंसी मजाक करते हुए नदी में उतरे। किनारे काफी कम पानी था। दीपेंद्र और विकास आगे बढ़े तो बाकी दोस्तों ने उन्हें रोकने की कोशिश की। दोनों नहीं माने। कहा धीरे धीरे आगे बढ़ते हैं। गहरा होगा तो लौट आएंगे, लेकिन दोनों नहीं लौटे।
गहरे पानी में दीपेंद्र फंसा तो विकास भी तुरंत गहराई की जद में आ गया। दोनों डूबने लगे। एक दो बार दोनों बचाओ बचाओ की आवाज कर बाहर निकले फिर उनका कुछ पता नहीं चला। बाहर भूपेंद्र, वरुण और यश चीखते चिल्लाते रहे। उनकी आंखों के सामने ही उनके दोनों दोस्त नदी में गुम हो गए थे। पुलिस और दोस्तों के पहुंचने के बाद उनके सब्र का बांध टूट गया। तीनों की आंखों से आंसू बहने लगे।
दोस्तों ने उन्हें दिलासा दिया। वे कहते रहे कि वे कुछ भी नहीं कर पाए। काश उन्हें तैरना आता। दीपेंद्र और विकास के दोस्त दिन भर टकटकी लगाए नदी की ओर देखते रहे। एसओ शिवकुटी मनीष त्रिपाठी ने बताया कि शुक्रवार की सुबह से फिर से तलाशी अभियान चलाया जाएगा।
गंगा में डूबे छात्र
1-दीपेंद्र सिंह (22) पुत्र बलदेव सिंह – ब्राम्हण कालोनी, ताज पल्टन गेट, रामानंद नगर, अलवर राजस्थान
2-विकास मौर्या (23) विनोद कुमार मौर्या- भिखारीपुर, मऊ
