अंबागढ़ चौकी , ब्लॉक मुख्यालय मानपुर के ग्राम पंचायत में सचिव के मनमानी, भ्रष्टाचार व अपारदर्शिता के विरोध में वार्ड पंच इकट्ठे हो गए हैं। सचिव को अन्यत्र हटाने की मांग को लेकर क्षेत्र के जनप्रतिनिधि व प्रशासन के उच्चाधिकारियों के पास भी अपना पक्ष रखा है।
ग्राम पंचायत मानपुर के 14 वार्ड पंचों ने लिखित में शिकायत में ग्राम पंचायत मानपुर में कार्यरत सचिव जयप्रकाश बोरकर को तत्काल हटाने की मांग की है। समस्त वार्ड पंचों ने कहा कि सचिव के ज्वाइनिंग से लेकर मानपुर पंचायत में हुए समस्त वित्तीय कार्य की जांच होनी चाहिए। इसके साथ ही समस्त केशबुक, लेखा पंजी, बिल वाउचर, स्टॉक पंजी समस्त अभिलेख का जांच किए जाने की मांग की है। इसमें दैनिक बाजार, साप्ताहिक बाजार नीलामी के राशि का भी आय-व्यय पासबुक, बैंक रशीद प्रस्तुत किया जाने का मांग रखी है। पदस्थ सचिव स्वयं मानपुर का रहने वाला है तथा पंचायतों के कार्यों व निर्णयों में अपना निजी राय रखता है जिससे कार्यवाही प्रभावित होती है।
सचिव के पुराने कार्यकाल को देखा जाए तो सेवाकाल के दौरान निलम्बित भी हुआ है। पंचायती कार्यों में वित्तीय अनियमितता पर जेल भी जाना पड़ा था। वर्तमान में पदस्थ सचिव विशेष राजनीतिक संरक्षण के तहत मानपुर में पदस्थ हुआ है, क्योंकि पूरे विकासखंड में केवल एक सचिव का स्थानांतरण आदेश हुआ था। सचिव के कार्यप्रणाली को लेकर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से लेकर प्रमुख प्रशासनिक अधिकारियों तक को शिकायत पत्र सौंपा है। वार्डपंचों ने विधायक इंद्रशाह मंडावी, जिला पंचायत अध्यक्ष नम्रता सिंह, जनपद अध्यक्ष पुष्पा मंडावी, कलेक्टर तुलिका प्रजापति, जिला पंचायत सीईओ भारती चंद्राकर को अपना दुखड़ा सुनाया है।
तीन बार पहुंच चुका है जांच दल: जिला पंचायत सीईओ के निर्देशन में अब तक जनपद पंचायत मानपुर से गठित जांच दल लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी के अनुविभागीय अधिकारी आर एन भारद्वाज व देवेंद्र रजक के नेतृत्व में तीन दफे पंचायत में जांच के लिए जा चुका है परन्तु अब तक जांच पूर्ण नहीं हुआ है। पहली जांच में सचिव ने पंचायती राज अधिनियम के तहत कर्तव्यों का पालन करना बताया है। वहीं दूसरे बार जांच में जब जांच टीम गई तो सचिव ने एसआईआर ड्यूटी के चलते जांच से अनुपस्थित रहा। वहीं तीसरी जांच के दौरान स्वास्थ्यगत कारणों का हवाला देते हुए चिकित्सा प्रमाण पत्र लगाकर सचिव जांच में उपस्थित नहीं हुआ। जांच की अगली तिथि 4 मई नियत की गई है। अब देखने वाली बात यह है कि आने वाले समय में सचिव कितना सहयोग करते है।
उपसंचालक पंचायत के द्वारा 4 फरवरी को मानपुर पंचायत का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के अनुसार बिना अवकाश स्वीकृत कराए कार्यालय में अनुपस्थित पाए गए। केशबुक के अतिरिक्त अन्य सभी केशबुक पंचायत में उपलब्ध नहीं पाया गया। ग्राम पंचायत के अधीन दुकानों का नीलामी राशि जमा नहीं हो रहा है। बाजार नीलामी का अंतिम किस्त अभी तक जमा नहीं कराया गया है। बिल पंजी अद्यतन नहीं है। विभागीय अंकेक्षण नहीं कराए जाने के लिए कारण बताओ नोटिस पत्र जारी किया, किन्तु उसका भी विभागीय अंकेक्षण नहीं कराया और नोटिस का भी कोई जवाब नहीं दिया।
