राजनांदगांव , मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के माध्यम से राजनांदगांव जिले में खुशियों की शहनाई गूंजी। जिले के तीन स्थानों पर आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रमों में कुल 46 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे।
आयोजन की खास बात यह रही कि इसमें सर्वधर्म समभाव की झलक देखने को मिली, जहां 44 जोड़ों का विवाह हिंदू रीति-रिवाज से और 2 जोड़ों का विवाह बौद्ध पद्धति से संपन्न कराया गया। शहर के सतनाम भवन में मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां कुल 25 जोड़ों ने नए जीवन की शुरुआत की। इनमें से 23 जोड़ों के विवाह संस्कार हिंदू परंपरा के अनुसार मंत्रोच्चार के बीच हुए, जबकि 2 जोड़ों ने बौद्ध रीति से एक-दूसरे का साथ निभाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महापौर मधुसूदन यादव उपस्थित हुए। उन्होंने नवविवाहित जोड़ों पर पुष्प वर्षा कर उन्हें आशीर्वाद दिया और उनके सुखद दाम्पत्य जीवन की कामना की। आयोजन को सफल बनाने में महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
परिवारों के लिए वरदान: मधुसूदन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महापौर यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना गरीब परिवारों के लिए एक वरदान साबित हो रही है। जिससे फिजूलखर्ची पर लगाम लगी है और बेटियों का विवाह हो रहा है। उन्होंने नव दंपतियों को आशीर्वाद दिया और बेहतर जीवन की कामना की। इसके अलावा बेहतर ढंग से विवाह संपन्न कराने के लिए विभाग की व्यवस्था की भी सराहना की।
सामग्री व सहायता राशि भी दी गई शासन की इस योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को कन्यादान के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना और समाज में सामूहिक विवाह की संस्कृति को बढ़ावा देना है। विवाह के पश्चात सभी जोड़ों को शासन की ओर से निर्धारित सहायता राशि और उपहार सामग्रियां भी प्रदान की गईं। योजना के तहत दांपत्य जीवन में प्रवेश करने वालों के परिजनों में भी उत्साह का माहौल रहा।
