राजनांदगांव | संस्कारधानी में स्थित माड़ी धाम अब आस्था, शिक्षा, संस्कार का मजबूत केंद्र बनकर उभर रहा है। यहां बच्चों को पढ़ाई के साथ सेवा, अनुशासन, व्यवहारिक ज्ञान, सनातन संस्कृति के मूल्यों की शिक्षा दी जा रही है। आधुनिक दौर में अधिकांश बच्चे मोबाइल, आभासी दुनिया में समय बिताते हैं। माड़ी धाम बच्चों को सकारात्मक दिशा देने का काम कर रहा है। माड़ी धाम में आने वाले बच्चे शिक्षा के साथ सेवा भावना सीख रहे हैं। धार्मिक संस्कार ग्रहण कर रहे हैं। सामाजिक व्यवहार समझ रहे हैं। बच्चों को धर्म, संस्कृति, नैतिक मूल्यों से जोड़ने के लिए विशेष गतिविधियां संचालित की जाती हैं। इसी वजह से यहां से जुड़े बच्चे संस्कारित बन रहे हैं। पढ़ाई में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।
इस केंद्र में किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता। सभी बच्चे स्वेच्छा से यहां शिक्षा, संस्कार ग्रहण करते हैं। बच्चों को अनुशासन का महत्व बताया जाता है। बड़ों का सम्मान सिखाया जाता है। समाज सेवा की प्रेरणा दी जाती है। सहयोग की भावना विकसित कराई जाती है। भारतीय संस्कृति का महत्व समझाया जाता है। संदेश स्पष्ट है। जीवन में शिक्षा जरूरी है। अच्छे संस्कार जरूरी हैं। सेवा भावना जरूरी है।
माड़ी धाम से जुड़े इन बच्चों के परीक्षा में शानदार नतीजे: यहां बच्चों को भजन, पूजा-पाठ, योग, नैतिक शिक्षा और सामाजिक जिम्मेदारियों की जानकारी दी जाती है। इस वर्ष परीक्षा परिणाम भी सराहनीय रहा। कक्षा दसवीं और बारहवीं बोर्ड में विद्यार्थियों ने 80 से 85 फीसदी अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। माड़ी धाम के सतीश साहू 10वीं में 91.6 प्रतिशत, त्रिवेणी साहू ने 12वीं में 73.8 प्रतिशत, श्लोक सोनी ने 10वीं में 73.5 प्रतिशत, दक्षा भुजड़े ने आठवीं में 73.5 प्रतिशत, दुष्यंत साहू ने 10वीं में 67.33 प्रतिशत, त्रिवेणी निषाद ने 12वीं में 62 प्रतिशत अंक प्राप्त किया।
