– 12 मई से समितियों के माध्यम से शुरू होगा उर्वरकों का वितरण
– पीओएस मशीन से होगा खाद वितरण, कालाबाजारी पर लगेगी रोक
मोहला । खरीफ मौसम 2026-27 की तैयारी के तहत जिले में रासायनिक उर्वरकों के वितरण को लेकर नई व्यवस्था लागू की गई है। शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार अब किसानों को उर्वरकों का वितरण उनकी भूमि धारिता एवं कृषि वैज्ञानिकों द्वारा अनुशंसित मात्रा के आधार पर किया जाएगा। इसके साथ ही उर्वरकों का वितरण केवल पीओएस मशीन के माध्यम से ही किया जाएगा तथा समस्त जानकारी ऑनलाइन अपडेट करना अनिवार्य होगा।
कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले की सहकारी समितियों में उर्वरकों का भंडारण एवं वितरण प्रारंभ किया जा रहा है। किसानों को लक्ष्य के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है, ताकि प्रत्येक कृषक को आवश्यकता अनुसार खाद उपलब्ध हो सके। नई व्यवस्था के तहत किसानों को उनकी भूमि के रकबे तथा कृषि विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित फसलवार अनुशंसा के अनुसार ही उर्वरक उपलब्ध कराया जाएगा। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विभिन्न फसलों के लिए उर्वरकों की वैज्ञानिक अनुशंसा तैयार की गई है। साथ ही संतुलित उपयोग सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उर्वरकों का समूह निर्धारण भी किया गया है, जिससे भूमि की उर्वरा शक्ति बनी रहे और फसलों को आवश्यक पोषण मिल सके।
जिले में भूमि धारिता आधारित उर्वरक वितरण व्यवस्था लागू होने से वास्तविक जरूरत के अनुसार खाद उपलब्ध कराना संभव होगा। इसके अलावा अवैध भंडारण, कालाबाजारी तथा अनियमित वितरण जैसी गतिविधियों पर भी प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा। किसानों को उर्वरकों के सही संयोजन एवं संतुलित उपयोग की जानकारी देने के लिए सहकारी समितियों में विभिन्न उर्वरकों के उपयोग संबंधी जानकारी प्रदर्शित की गई है। कृषि विभाग द्वारा चौपाल कार्यक्रमों एवं विकसित कृषि संकल्प अभियान के माध्यम से कृषि वैज्ञानिकों तथा विभागीय अमले द्वारा गांव-गांव पहुंचकर किसानों को जागरूक किया जा रहा है।
जिला प्रशासन ने कृषि एवं संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि किसानों को समय पर एवं निरंतर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि आगामी कृषि कार्य प्रभावित न हो। उर्वरक वितरण व्यवस्था को सुचारु बनाने हेतु कृषि विभाग द्वारा सहकारी समितियों एवं संबंधित विभागों की बैठक आयोजित कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। बैठक में निर्णय लिया गया कि 12 मई 2026, मंगलवार से समितियों के माध्यम से उर्वरकों का वितरण प्रारंभ किया जाएगा।
