डोंगरगांव , औंधी क्षेत्र के नेवर गांव की रहने वाली आदिवासी युवती नैना (परिवर्तित नाम) घर से नाराज होकर निकल गई थी। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन कहीं पता नहीं चलने पर इसकी सूचना पुलिस को दी गई। मामला संवेदनशील होने के कारण पुलिस ने तत्परता दिखाई और युवती को बस से सुरक्षित उतारकर अस्पताल पहुंचाया तथा इलाज के बाद परिजनों को सौंप दिया।
औंधी थाना प्रभारी सतीश को सूचना मिली कि युवती घर छोड़कर डोंगरगांव की ओर जाने वाली लाल बस में बैठी है। इसके बाद डोंगरगांव थाना प्रभारी निरीक्षक आशीर्वाद रहटगांवकर को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही निरीक्षक ने अपनी टीम के साथ सक्रिय हुए। संयोग से उसी बस में एक आरक्षक मौजूद था। पुलिस ने युवती की फोटो वाट्सएप पर मंगवाई, फिर तलाश कर उसे परिजन को सौंपा।
