CG : 21 लोगों की हत्या की साजिश थी, ताकि निकाल पाते जमीन अंदर से खजाना! …
बलौदाबाजार। क्या गड़े खजाने को निकालने के लिए 21 लोगों को मारने की साजिश रची गई थी? जिले के कसडोल क्षेत्र के पुराना खर्वे गांव में पिछले चार महीनों के दौरान हुई आठ संदिग्ध मौतों के बाद ग्रामीणों ने यही आरोप लगाया है। उनका दावा है कि 21 लोगों की जान लेने की योजना बनाई गई थी। संदेह के घेरे में गांव का किराना दुकानदार रामसाय जायसवाल है, जिस पर शराब में सुहागा (बोरैक्स) मिलाकर लोगों को पिलाने का आरोप लगाया जा रहा है। हालांकि इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले की जांच जारी है और अब सबकी निगाहें पोस्टमार्टम व फारेंसिक रिपोर्ट पर टिकी हैं। अब तक सात शवों को जमीन से निकालकर परीक्षण के लिए भेजा जा चुका है।
कसडोल से करीब चार किलोमीटर दूर महानदी किनारे बसा 800 की आबादी वाला पुराना खर्वे गांव इस घटना के बाद सुर्खियों में है। खेती और मजदूरी पर निर्भर इस शांत गांव में अब दहशत और सन्नाटा पसरा हुआ है। गांव में तीन किराना दुकानें और एक शासकीय प्राथमिक स्कूल है। ग्रामीणों के आरोपों के केंद्र में इन्हीं दुकानों में से एक के संचालक रामसाय जायसवाल हैं। घटना के अहम किरदार कार्तिक प्रजापति का दावा है कि 14 मई को दुकानदार ने शराब की बोतल से आधी मात्रा अलग निकालने के बाद बची हुई शराब उसे दी थी। कार्तिक के अनुसार, दो घूंट पीते ही उसे उल्टियां होने लगीं, सिर चकराने लगा और वह बेहोश हो गया। स्वजन उसे तत्काल कसडोल अस्पताल ले गए, जहां करीब आठ घंटे बाद उसे होश आया। ग्रामीणों का कहना है कि किसी भी मृतक को गंभीर बीमारी नहीं थी और सभी की मौत शराब सेवन के बाद हुई।
ग्रामीण उमेश नवरंगे ने आरोप लगाया है कि दुकानदार ने उससे महेतरू साहू के दफन शव को बुलडोजर से हटाने की बात कही थी। साथ ही आगजनी और नुकसान पहुंचाने जैसे कामों के बदले पैसे देने का भी कथित प्रस्ताव दिया था। पुलिस इन आरोपों की भी जांच कर रही है। ग्रामीणों के अनुसार पहली संदिग्ध मौत छह फरवरी को बद्री पटेल की हुई थी। इसके बाद 20 फरवरी को बुठालू साहू, 12 मार्च को बुधराम, 20 मार्च को छत्तूराम साहू, 31 मार्च को विनोद साहू, 28 अप्रैल को गजानंद मांझी, 29 अप्रैल को चैतूराम साहू और 14 मई को महेतरू की मौत हो गई।
