डोंगरगांव , एक तरफ जहां शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, वहीं जमीनी हकीकत बेहद खौफनाक तस्वीर बयां कर रही है। शासकीय प्राथमिक शाला अंग्रेजी माध्यम डोंगरगांव भवन 145 साल से भी अधिक पुराना हो गया है। अब किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। भवन आज भी कच्ची कवेलू वाला है। भवन की हालत इतनी जर्जर हो चुकी है कि यहां बच्चों के बैठने तक की जगह सुरक्षित नहीं बची है।
छत से टपकता पानी, दीवारों पर आई दरारें, बारिश का मौसम शुरू होते ही इस ऐतिहासिक इमारत में जगह-जगह से पानी रिसना (सीपेज) शुरू हो जाता है। कक्षा के अंदर पानी भरने से मासूम बच्चों को पढ़ाई छोड़ यहां-वहां छिपने पर मजबूर होना पड़ता है। दीवारों पर बड़ी-बड़ी दरारें आ चुकी हैं और छत के उपर का कवेलू पूरी तरह से खराब हो चुका है।
कवेलू में लगने वाली लकड़ियों में पूरी दीमक लग चुकी है जिससे वह कभी भी गिरने की स्थिति में है। पुरानी यह इमारत अब अपनी मियाद (उम्र) पूरी कर चुकी है। इसकी दीवाल और कच्ची छत इतने कमजोर हो चुके हैं कि इमारत कभी भी ताश के पत्तों की तरह धराशाई हो सकती है। रोजाना अपनी जान हथेली पर रखकर बच्चे यहां पढ़ाई करने आते हैं, जबकि अभिभावकों को अनहोनी के डर है।
अभिभावकों और ग्रामीणों में रोष बढ़ा स्थानीय निवासियों और अभिभावकों का कहना है कि वे इस जर्जर भवन की शिकायत कई बार प्रशासनिक अधिकारियों और शिक्षा विभाग से कर चुके हैं, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है। ग्रामीणों का कहना है प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है, जब तक कोई अप्रिय घटना नहीं हो जाती, तब तक जिम्मेदार अधिकारी नींद से नहीं जागेंगे।
सुरक्षा के लिए जल्द कदम उठाने की मांग अभिभावकों और क्षेत्रीय नागरिकों ने प्रशासन और शासन से गुहार लगाई है कि इस खतरनाक भवन को तत्काल प्रभाव से असुरक्षित घोषित कर नए भवन का निर्माण कार्य शुरू कराया जाए। यदि समय रहते इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो मासूम बच्चों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले प्रशासनिक रवैये के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।
अतिरिक्त कमरे का प्रस्ताव भेजा: बीईओ डोंगरगांव बीईओ जयंत साहू ने कहा कि शासकीय प्राथमिक शाला अंग्रेजी माध्यम स्कूल भवन में पानी टपकने की की शिकायत मिली है, मैंने शिकायत के बाद तत्काल स्कूल का निरीक्षण किया, जहां पर ऊपर कवेलु से पानी टपक रहा था, स्कूल भवन पुराने होने के कारण जर्जर अवस्था में है। लगतार बारिश को देखते हुए बगल में पुराने संकुल भवन है अभी व्यवस्थापन के लिए स्कूल को वही संचालित किया जाएगा। अतिरिक्त कक्ष भवन का प्रस्ताव भेजा गया है।
