CG : MCH में बड़ी सफलता, 3 महिलाओं की बच्चेदानी की जटिल सर्जरी सफल …
रायगढ़ : छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के मातृ एवं शिशु अस्पताल (MCH) में चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। अस्पताल के स्त्री रोग विभाग में तीन महिलाओं की बच्चेदानी निकालने की जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। तीनों महिलाएं गर्भाशय से संबंधित अलग-अलग स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित थीं। इनमें बच्चेदानी में गांठ और गर्भाशय की अंदरूनी परत में असामान्य वृद्धि जैसी समस्याएं शामिल थीं। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने आवश्यक जांच और चिकित्सकीय प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद तीनों महिलाओं का ऑपरेशन किया। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार इन जटिल सर्जरी को सफल बनाने में स्त्री रोग विशेषज्ञों, एनेस्थीसिया चिकित्सकों, मेडिकल ऑफिसर, ऑपरेशन थिएटर और वार्ड स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। स्वास्थ्य विभाग ने पूरी मेडिकल टीम के समन्वय और प्रयासों की सराहना की है।
विशेषज्ञों की टीम ने संभाली जिम्मेदारी रायगढ़ के मातृ एवं शिशु अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचीं तीनों महिलाएं गर्भाशय से जुड़ी अलग-अलग समस्याओं का सामना कर रही थीं। चिकित्सकों ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति का परीक्षण करने के बाद आवश्यक जांच कराई। जांच और चिकित्सकीय मूल्यांकन के आधार पर महिलाओं की बच्चेदानी निकालने की सर्जरी करने का निर्णय लिया गया। इसके बाद स्त्री रोग विशेषज्ञों की टीम ने ऑपरेशन की प्रक्रिया पूरी की। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि तीनों ऑपरेशन सफलतापूर्वक संपन्न हुए। इन सर्जरी के दौरान मरीजों की सुरक्षा और चिकित्सकीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विशेषज्ञ चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ ने आपसी समन्वय से काम किया। बच्चेदानी निकालने की सर्जरी को चिकित्सकीय भाषा में हिस्टेरेक्टॉमी कहा जाता है। यह ऑपरेशन मरीज की स्वास्थ्य स्थिति, बीमारी की प्रकृति और चिकित्सकीय आवश्यकता के आधार पर किया जाता है।
बच्चेदानी में गांठ और असामान्य वृद्धि की थी समस्या स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार तीनों महिलाओं को गर्भाशय से संबंधित अलग-अलग स्वास्थ्य परेशानियां थीं। इनमें बच्चेदानी में गांठ और गर्भाशय की अंदरूनी परत में असामान्य वृद्धि जैसे मामले शामिल थे। गर्भाशय में गांठ होने पर कुछ महिलाओं को अत्यधिक मासिक रक्तस्राव, पेट के निचले हिस्से में दर्द, दबाव या अन्य परेशानियां हो सकती हैं। हालांकि सभी गांठों में ऑपरेशन की आवश्यकता नहीं होती। इसी तरह गर्भाशय की अंदरूनी परत में असामान्य वृद्धि के कारणों का पता लगाने के लिए चिकित्सकीय जांच जरूरी होती है। उपचार का निर्णय जांच रिपोर्ट, मरीज की उम्र, लक्षण और अन्य स्वास्थ्य परिस्थितियों के आधार पर लिया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार महिलाओं को लंबे समय तक असामान्य रक्तस्राव या अन्य स्त्री रोग संबंधी समस्याएं होने पर चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए।
कलेक्टर के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य सुविधाएं मजबूत करने का प्रयास जिला प्रशासन की ओर से बताया गया कि कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में रायगढ़ जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जिले में मरीजों को आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने के साथ जटिल स्वास्थ्य समस्याओं के उपचार और चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। अस्पताल में तीन महिलाओं की जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न होने को स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सकीय सेवाओं की उपलब्धता और टीम के सामूहिक प्रयास का परिणाम बताया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत ने कहा कि एमसीएच में तीन जटिल ऑपरेशन का सफलतापूर्वक संपन्न होना चिकित्सकीय सेवाओं की उपलब्धता और स्वास्थ्यकर्मियों के सामूहिक प्रयास को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि बच्चेदानी में गांठ और अन्य असामान्य समस्याओं के कारण महिलाओं को कई बार गंभीर स्वास्थ्य परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे मामलों में समय पर जांच, उचित चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यकता के अनुसार सर्जरी से मरीजों को राहत मिल सकती है। स्वास्थ्य विभाग ने महिलाओं को स्त्री रोग संबंधी समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करने और समय पर विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लेने के महत्व पर जोर दिया।
सर्जरी में एनेस्थीसिया और नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका सिविल सर्जन डॉ. दिनेश पटेल ने बताया कि तीनों ऑपरेशन स्त्री रोग विशेषज्ञों, एनेस्थीसिया टीम, मेडिकल ऑफिसर, ऑपरेशन थिएटर और वार्ड स्टाफ के आपसी समन्वय से पूरे किए गए। एमसीएच इंचार्ज डॉ. अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि इस प्रकार की जटिल सर्जरी में ऑपरेशन करने वाले चिकित्सकों के साथ एनेस्थीसिया विशेषज्ञों और नर्सिंग स्टाफ की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने बताया कि पूरी टीम ने अपनी जिम्मेदारियों का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया, जिससे सभी सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न हो सकीं। इन डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने निभाई अहम जिम्मेदारी तीनों सर्जरी में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. दिशा ठाकुर क्षत्रिय और डॉ. उपमा पटेल ने सर्जन के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एनेस्थीसिया टीम में डॉ. उषा भगत और डॉ. घनिष्ठा शामिल रहीं। मेडिकल ऑफिसर के रूप में डॉ. रामाशंकर ने अपनी सेवाएं दीं। ऑपरेशन थिएटर में लता मेहर, जैसिंटा और गुड्डी सिस्टर ने सहयोग किया। वहीं वार्ड में प्रधान सिस्टर, शारदा सिस्टर और अंशु सिस्टर ने मरीजों की देखभाल तथा उपचार प्रक्रिया में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई। जिला चिकित्सालय प्रबंधन ने सफल सर्जरी में योगदान देने वाले सभी चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और स्वास्थ्यकर्मियों के प्रयासों की सराहना की। महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए समय पर जांच जरूरी चिकित्सकीय दृष्टि से गर्भाशय संबंधी समस्याओं की समय पर पहचान और उपचार महत्वपूर्ण है। अत्यधिक या अनियमित रक्तस्राव, लगातार पेट दर्द तथा रजोनिवृत्ति के बाद रक्तस्राव जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इन लक्षणों के कई संभावित कारण हो सकते हैं। इसलिए स्वयं किसी बीमारी का निष्कर्ष निकालने के बजाय विशेषज्ञ चिकित्सक से जांच कराना जरूरी है। रायगढ़ के मातृ एवं शिशु अस्पताल में तीन महिलाओं की जटिल सर्जरी का सफलतापूर्वक संपन्न होना अस्पताल की चिकित्सकीय टीम के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। जिला अस्पताल प्रबंधन ने इसे विशेषज्ञ चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के समन्वित प्रयास का परिणाम बताया है।
