राजनांदगांव : एक डॉक्टर के नाम पर तीन सोनोग्राफी सेंटर! बालाजी डायग्नोस्टिक सेंटर पर प्रशासन की कार्रवाई, किया गया सील...
गंडई पंडरिया/खैरागढ़ , नगर पंचायत गंडई के सामने संचालित ए ग्रुप ऑफ बालाजी डायग्नोस्टिक सेंटर पर बुधवार को स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन की टीम ने कार्रवाई करते हुए सेंटर को सीलबंद कर दिया। सोनोग्राफी संचालन में नियमों की अनदेखी और एक ही सोनोलॉजिस्ट के जिले के तीन अलग-अलग केंद्रों से जुड़े होने की शिकायत के बाद यह कार्रवाई की गई।
उच्च स्तरीय जांच समिति की रिपोर्ट, जिला सलाहकार समिति पीसीपीएनडीटी के निर्णय और कलेक्टर सह समुचित प्राधिकारी के आदेश के बाद प्रशासन ने सेंटर को सील किया। समिति ने जांच के बाद अपना प्रतिवेदन जिला सलाहकार समिति के समक्ष प्रस्तुत किया। समिति के निर्णय और कलेक्टर के आदेश के बाद गठित टीम ने मौके पर पहुंचकर सेंटर को सीलबंद करने की कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान डिप्टी कलेक्टर पूजा पिंचा, जिला नोडल अधिकारी पीसीपीएनडीटी डॉ. मनीष बघेल, डॉ. पंकज वैष्णव, डॉ. बोधन सिंह परते, डॉ. विवेक बिसेन सहित संबंधित अधिकारी मौजूद थे।
एक डॉक्टर के नाम पर तीन केंद्रों का मामला शिकायत में मुख्य रूप से एक ही सोनोलॉजिस्ट डॉक्टर के खैरागढ़, साल्हेवारा और गंडई स्थित तीन अलग-अलग सोनोग्राफी केंद्रों से जुड़े होने का मामला उठाया गया था। जबकि पीसीपीएनडीटी नियमों के तहत एक जिले में किसी योग्य चिकित्सक का पंजीयन अधिकतम दो सोनोग्राफी केंद्रों में ही किया जा सकता है।
सीएमएचओ कार्यालय में शिकायत की है: डॉ. प्रदीप बीएमओ डॉ. मनीष बघेल से मिली जानकारी के अनुसार संबंधित सोनोलॉजिस्ट डॉ. प्रदीप कुमार सिंह के नाम और हस्ताक्षर वाली जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की जा रही थीं। वहीं डॉ. प्रदीप कुमार का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में सीएमएचओ कार्यालय में शिकायत भी की है और वे पिछले तीन वर्षों से उत्तराखंड में कार्यरत हैं।
