आम आदमी पार्टी (आप) के नेता राघव चड्ढा ने पंजाब में मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के सस्ती बिजली वादे को चुनावी स्टंट बताया है। उन्होंने कहा है कि बिजली की दरों में कटौती सिर्फ 31 मार्च 2022 तक के लिए की गई है। ऐसे में 31 मार्च 2022 के बाद फिर से बिजली महंगी हो जाएगी। उन्होंने कांग्रेस को चुनौती देते हुए कहा है कि यदि यह चुनावी स्टंट नहीं है तो कांग्रेस शासित राजस्थान, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र में भी बिजली सस्ती की जाए।
आम आदमी पार्टी के पंजाब सह प्रभारी और विधायक राघव चड्ढा ने कहा कि पंजाब में सर प्लस बिजली उत्पादन होने के बावजूद बहुत महंगी बिजली मिलती है। अगर कांग्रेस को बिजली सस्ती देना होता तो सभी राज्यों में बिजली सस्ती करती। जिन राज्यों में चुनाव नहीं आ रहे हैं उनमें भी बिजली सस्ती की जाती। कांग्रेस पार्टी ने राजस्थान, छत्तीसगढ़ व महाराष्ट्र जैसे राज्य जहां चुनाव नहीं है, वहां पर बिजली की दरों को कम नहीं किया है। इन राज्यों में बिजली महंगी मिल रही है।
चड्ढा ने आरोप लगाते हुए कहा कि पंजाब में फरवरी में चुनाव है। ऐसे में मुख्यमंत्री चन्नी ने कुछ महीनों के लिए बिजली सस्ती करने का चुनावी जुमला छोड़ा है। उन्होंने कहा कि पंजाब में केजरीवाल सरकार ने 300 यूनिट फ्री देने की गारंटी लोगों को दी है। ऐसे में चुनाव से तीन महीने पहले सीएम चन्नी ने लोगों की आंखों में धूल झोंकना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि चन्नी जिस सूबे के मुख्यमंत्री बने हैं उस राज्य पर तीन लाख करोड़ का कर्जा है। वहीं, देश में सबसे ज्यादा बेरोजगारी पंजाब में है। पंजाब सूबे के किसान एक साल से सड़कों पर संघर्ष कर रहे हैं। राघव चड्ढा ने कहा कि पंजाब में पिछले चुनाव में कांग्रेस के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार कैप्टन अमरिंदर सिंह ने जॉब कार्ड बांटे और कहा था कि लोगों को घर-घर नौकरी मिलेगी। लेकिन, एक भी नौकरी नहीं मिली। बकौल चड्ढा, अरविंद केजरीवाल ने पहली गारंटी के रूप में पंजाब में 24 घंटे 7 दिन बिजली देने के लिए कहा है। इसके अलावा 300 यूनिट तक फ्री बिजली दी जाएगी। पंजाब में आज 10 से 15 घंटे के पावर कट में लगते हैं।
