इंद्राणी मुखर्जी ने सोमवार को सीबीआई की विशेष अदालत में आवेदन दाखिल किया था कि उन्हें जेल में एक महिला मिली थी, जिसने अपना परिचय पूर्व पुलिस अधिकारी के रूप में दिया था। उसका कहना था कि, कश्मीर में वह शीना बोरा से मिली थी।

शीना बोरा हत्याकांड मामले में जेल में बंद इंद्राणी मुखर्जी के दावे की सच्चाई का पता लगाने के लिए सीबीआई ने 14 दिन का समय मांगा है। शुक्रवार को सीबीआई की विशेष अदालत में सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कहा कि उसे अपना जवाब दाखिल करने के लिए 14 का समय चाहिए। दरअसल, इंद्राणी मुखर्जी की ओर विशेष कोर्ट में आठ पन्नों का आवेदन दाखिल किया गया था। इसमें दावा किया गया था कि उनकी बेटी जिंदा है और कश्मीर में है।
इंद्राणी के दावे के बाद विशेष कोर्ट ने सीबीआई को आदेश दिया था कि मामले की जांच की जाए। दरअसल, इंद्राणी के वकील की ओर से पूछा गया था कि उनकी बेटी को खोजने के लिए सीबीआई ने अब तक क्या किया है?
क्या है पूरा मामला
पूर्व मीडिया कारोबारी इंद्राणी मुखर्जी ने सोमवार को सीबीआई की विशेष अदालत में आठ पन्नों का आवेदन दाखिल किया था। अपनी बेटी शीना बोरा की हत्या के आरोप में सजा काट रहीं इंद्राणी ने दावा किया कि एक पूर्व महिला पुलिस अधिकारी आशा कोरके ने कश्मीर में शीना बोरा से मुलाकात की है। विशेष अदालत ने इंद्राणी मुखर्जी के आवेदन को स्वीकार कर लिया और सीबीआई को इस पर जवाब दाखिल करने को कहा।
जेल में इंद्राणी से मिली थी आशा कोरके
अर्जी में इंद्राणी मुखर्जी ने यह जानना चाहा था कि क्या शीना बोरा के जीवित होने के उनके दावों का पता लगाने के लिए सीबीआई ने क्या कोई कदम उठाया है। इंद्राणी मुखर्जी ने आवेदन में बताया कि, नवंबर 2021 में बायकुला महिला जेल में उनसे एक महिला मिली थी, जिसने अपना परिचय पूर्व पुलिस निरीक्षक आशा कोरके के रूप में दिया था। कोरके को जबरन वसूली के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। अर्जी में कहा गया है कि कोरके ने कथित तौर पर मुखर्जी को बताया कि जून 2021 में वह श्रीनगर में थी, जहां उसकी मुलाकात शीना बोरा जैसी दिखने वाली एक महिला से हुई थी। जब कोरके ने महिला से संपर्क किया और पूछा कि क्या वह शीना बोरा है, तो महिला ने इसका जवाब ‘हां’ में दिया था।
अगस्त, 2015 से जेल में हैं इंद्राणी
इंद्राणी मुखर्जी की वकील ने सीबीआई के निदेशक को एक पत्र लिखा था और एजेंसी से कहा था कि वह कश्मीर में शीना की तलाश करे। मुखर्जी ने पत्र में दावा किया था कि एक महिला सरकारी अधिकारी ने उससे कहा है कि उसने बोरा को श्रीनगर में टीकाकरण कराने के दौरान देखा था। मुखर्जी अगस्त 2015 में गिरफ्तार किए जाने के बाद से मुंबई के बायकुला महिला जेल में कैद है।
