अंबागढ़ चौकी , अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर नगर के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले नगर के श्रमवीर व श्रम वीरांगनाओं का सम्मान किया। इस दौरान केन्द्र व राज्य शासन द्वारा श्रमिको के हितार्थ में चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने का आहवान किया। नपं अध्यक्ष मानिकपुरी ने नगरीय निकाय के सभागृह में श्रमिक सम्मान समारोह का आयोजन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता व छत्तीसगढ़ महतारी की पूजा अर्चना से हुआ।
नगर के श्रमवीर माताओं व भाईयो को संबोधित करते हुए मानिकपुरी ने कहा कि जीविकोपार्जन के लिए श्रम के प्रकार व प्रयोजन अलग-अलग हो सकते हैं। लेकिन परिश्रम करने वाले सदैव वंदनीय होते हैं। यह संसार उनका ही सम्मान करता है जो अपने श्रम के बूते परिवार, समाज व जगत में अपना मुकाम खड़ा करते हैं। कहा कि मेहनतकशों की कभी हार नहीं होती है और कुछ किए बिना ही जय जयकार नहीं होती है।
हम किसी भी फील्ड में हो हमें समाज में अपना जगह बनाए रखने व शरीर को स्वस्थ करने के लिए परिश्रम करना आवश्यक है। श्रमवीरों को श्रमिक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए नगर विकास में दिए गए उनके अभूतपूर्व योगदान देने के लिए आभार ज्ञापित किया। श्रमिक सम्मान समारोह में पार्षद व सभापति उमा निषाद, पूर्व पार्षद शंकर निषाद, प्रमोद ठलाल, कुमारी निषाद, रजिया बेगम, रेहाना बेगम, शोभा भोयर व अन्य मौजूद थे।
श्रमिकों की शिकायतें व समस्याओं का मौके में निराकरण करने कहा सम्मान समारोह में शामिल होने आई माताओं ने नपं अध्यक्ष के सामने नगर के विभिन्न वार्डों से आई श्रम वीरांगनाओं ने नगरीय निकाय से जुड़ी समस्याओं व शिकायतों को सामने रखते हुए नपं अध्यक्ष से इसके त्वरित निदान की मांग की। सबसे अधिक माताओं ने गर्मी मे पेयजल से जुड़ी समस्याओं व शिकायतों को सामने रखा। उसके बाद पिछले चार पांच माह से सामाजिक सुरक्षा पेंशन नहीं मिलने व राशन कार्ड बन जाने के बाद भी खाद्यान्न नहीं मिलने की शिकायतें की। नगरवासियों से जुड़े समस्याओं के निराकरण के लिए निकाय के संबधित विभाग के कर्मचारियों को मौके से निर्देश देकर तीन दिवस के अंदर पेयजल व खाद्यान्न से जुड़े समस्या के निराकरण करने का निर्देश दिया।
इन श्रम वीरों का हुआ सम्मान मजदूर दिवस पर नगर के वििभन्न वार्डों से आए महिला व पुरूष श्रमिकों का सम्मान किया गया। सम्मान की सूची में सर्वाधिक संख्या मातृ शक्तियों की थीं। नपं अध्यक्ष ने कहा कि मातृ शक्तियां अपने श्रम से आई अर्थ का नियोजन सही ढंग से करती हैं। माताएं अपना हर कार्य श्रेष्ठता से करती है और किसी भी कार्य में वह आज पीछे नहीं है, इसलिए वह वंदनीय है। सम्मान प्राप्त करने वालों में कन्या निर्मलकर, सुशीलाबाई, गोदावरी उईके, िबंदा गोड़, अन्नपूर्णा वैष्णव चमेली सारथी, पुसई देवांगन, नरेश निषाद, सावित्रीबाई, धनेश्वरी निषाद, सुशीला खरे, राधा साहू, पूर्णिमा निषाद, आशा राजपूत, कुंवर बाई, उर्मिला साहू, सोहागा बाई आदि शामिल थे।
