पत्रकार वार्ता के दौरान आयुष्मान मित्र कुन्दन राजपूत ने कुछ निजी अस्पतालों पर आरोप लगाते हुए सीधे तौर पर कहा कि आयुष्मान कार्ड होने के बाद भी मरीजों से नगद पैसों की मांग की जाती है और कुछ लोगों का तो इलाज भी रोक जाने की बात कुंदन द्वारा कही गई । आयुष्मान मित्रों ने बताया कि उनके द्वारा सारा मामला स्वास्थ्य विभाग को भेज दिया जाता था और उसके बाद आगे की कार्यवाही वहीँ से होता है । कुछ निजी अस्पतालों द्वारा ज्यादा पैसों की मांग व् नगद ना मिलने पर मरीज का इलाज रोक दिए जाने का बड़ा खुलासा सिस्टम के खिलाफ कई सवालों को जनम देता है ।Attachments area
