राजनांदगांव , 70 वर्ष की उम्र में जहां अधिकांश लोग स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझते हैं, वहीं राजनांदगांव के हेमंत तिवारी योग और प्राणायाम के माध्यम से न केवल स्वयं को निरोग रखने में सफल हुए हैं, बल्कि हजारों लोगों को भी स्वस्थ जीवन जीने की राह दिखा रहे हैं। उन्होंने बिना दवा के पेट, पाचन और त्वचा संबंधी गंभीर समस्याओं पर नियंत्रण पाया और अब जिलेभर में योग जागरूकता अभियान चला रहे हैं।
हेमंत तिवारी बताते हैं कि वे वर्षों तक पेट और शौच संबंधी समस्याओं से परेशान रहे। उन्होंने विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों से इलाज कराया, लेकिन अपेक्षित लाभ नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने योग को अपनाया और नियमित अभ्यास शुरू किया। कुछ समय बाद उनकी समस्या दूर हो गई। इसके साथ ही त्वचा संबंधी एक बीमारी, जिसमें शरीर की त्वचा अपने आप निकलने लगती थी, उसमें भी उन्हें योग और प्राणायाम से राहत मिली।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून के अवसर पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत हेमंत तिवारी रोज सुबह चार बजे उठकर विभिन्न संस्थानों में योग प्रशिक्षण दे रहे हैं। स्कूल-कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, अस्पताल, बैंक, पुलिस प्रशिक्षण केंद्र, धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं में पहुंचकर वे लोगों को योगाभ्यास करा रहे हैं। उनकी टीम ने 20 दिनों में 121 संस्थानों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा था, लेकिन लक्ष्य से आगे बढ़ते हुए 221 संस्थानों में पहुंचकर करीब 10 हजार लोगों को योग के लाभ बताए और अभ्यास कराया, ताकि लोग स्वस्थ जीवन शैली को अपना सकें।
पतंजलि योग समिति से जुड़े हेमंत तिवारी पिछले 20 वर्षों से योग साधना कर रहे हैं। उनका कहना है कि प्रत्येक बीमारी के लिए अलग-अलग योग और प्राणायाम लाभकारी होते हैं। वे लोगों की समस्या सुनकर उन्हें उपयुक्त योगाभ्यास की जानकारी देते हैं, जिससे कई लोगों को राहत मिली है। इसके साथ ही पतंजलि योग समिति के माध्यम से राजनांदगांव, डोंगरगढ़, डोंगरगांव और छुरिया ब्लॉक के स्कूलों, कॉलेजों और विभिन्न संस्थानों में निशुल्क योग कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें विद्यार्थी, शिक्षक, सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारी, महिलाएं, युवक-युवतियां तथा सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के सदस्य भाग ले रहे हैं।
